दोस्तों आज हम शिक्षक दिवस पर बात करेंगे कि यह क्यूं मनाया जाता है और किनके जन्मदिन पर मनाया जाता है
आपने अपने स्कूलों कॉलेजों में इस दिन को बहुत अच्छे से मनाया होगा,
शिक्षक दिवस भारत के महान शिक्षक डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, वे एक महान शिक्षाविद, दार्शनिक थे, जिन्होंने अपने सम्पूर्ण जीवन को एक बेहतर शिक्षक के रूप में समर्पित कर दिया। उनका मानना था कि राष्ट्र और समाज निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण योगदान शिक्षकों का होता है।
शिक्षक दिवस 1962 से मनाया जाता है, डॉ सर्वपल्ली राधकृष्णन के जन्मदिन पर उनके सम्मान में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य है कि शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना बनाए रखना, उन्हें उनके योगदानों के लिए सम्मानित करना,
उन्होंने 1969 में चेन्नई प्रेसीडेंसी कॉलेज से अध्यापन का कार्य शुरू किया इसके बाद कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में भी अपनी सेवाएं दी, जिसमें बनारस, चेन्नई, कोलकाता, मैसूर विश्वविद्यालय में शिक्षक के रूप में सेवाएं दी। विदेशों में भी एक शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दी जिनमें लंदन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में दर्शनशास्र विषय रहा।
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन 1952 में स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति बने वे उपराष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल 1952 से 1962 तक रहें, उसके पश्चात वे भारत के दूसरे राष्ट्रपति के पद पर 1962 से 1967 तक रहें।
वे सन 1949 से सन् 1952 तक रूस में भारत के राजदूत के पद पर भी रहें, भारत और रूस के मित्रता बढ़ाने में उनका अहम योगदान रहा।
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षकों का बहुत सम्मान करते थे,
शिक्षक का हमारे बेहतर जीवन में बेहद योगदान है, शिक्षक हमें निःस्वार्थ भाव से शिक्षा प्रदान करते हैं, लोगों के जीवन को सुधारने और एक अच्छे नागरिक बनाने में शिक्षक का सबसे बड़ा योगदान होता है, हम जानते हैं कि एक अच्छे शिक्षक के बिना कोई भी अपने जीवन में सफल नहीं हो सकता, शिक्षकों को सम्मानित करने और उनके महत्व को सबको बताने के लिए शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
भारतीय संस्कृति में गुरुओं को हजारों वर्ष पहले से ही सम्मान दिया जाता रहा है उन्हें समाज में सर्वश्रेष्ठ माना जाता था है, भारत में कई महान शिक्षाविद और जानकार हुए जिनके बदौलत भारत पूरे विश्व में विश्वगुरु के नाम से जाना जाता था,
शिक्षक दिवस स्कूल कॉलेजों में बड़े उत्साह से मनाया जाता है, इस दिन स्कूलों में शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए खास कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है, बच्चे अपने अपने शिक्षकों के लिए कई उपहार और भेंट भी इस दिन शिक्षकों को प्रदान करते हैं।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें